पंजाब में नशा फैलाने का सपना छोड़ दे BJP, केजरीवाल का अमित शाह पर हमला

पंजाब में नशा फैलाने का सपना छोड़ दे BJP, केजरीवाल का अमित शाह पर हमला Arvind Kejriwal targets BJP over Punjab’s drug problem

Arvind Kejriwal on Punjab Drugs मामले में भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। केजरीवाल ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए पंजाब में नशे के कारोबार को लेकर गंभीर आरोप लगाए। मुख्यमंत्री भगवंत मान और मनीष सिसोदिया ने भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।

 पंजाब में नशे के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। उन्होंने भाजपा पर पंजाब में नशे के कारोबार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

केजरीवाल ने कहा कि भाजपा को पंजाब में दोबारा नशा फैलाने का सपना छोड़ देना चाहिए। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के पुराने गठबंधन का भी जिक्र किया।

यह बयान 16 अक्टूबर को सामने आया। इसके बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आप नेता मनीष सिसोदिया ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

केजरीवाल ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमित शाह को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे की समस्या के लिए भाजपा की पिछली नीतियां भी जिम्मेदार रही हैं।

केजरीवाल ने 2007 से 2017 के बीच पंजाब में अकाली दल और भाजपा की गठबंधन सरकार का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान राज्य में नशे का कारोबार बढ़ा था।

उन्होंने गुजरात के बंदरगाहों के रास्ते नशीले पदार्थों की तस्करी को लेकर भी सवाल उठाए। केजरीवाल ने भाजपा से पंजाब को लेकर अपनी नीतियां स्पष्ट करने की मांग की।

हालांकि, ये आरोप आम आदमी पार्टी के नेताओं के राजनीतिक बयान हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं की गई है।

भगवंत मान ने अमित शाह से पूछे सवाल

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पर आरोप लगाने से पहले केंद्रीय गृह मंत्री को अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए।

मान ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकार क्षेत्र का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे 50 किलोमीटर तक के क्षेत्र में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र है।

मुख्यमंत्री ने गुजरात के कांडला बंदरगाह पर लगभग 3,000 किलोग्राम नशीला पदार्थ पकड़े जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने केंद्र सरकार से नशे की तस्करी रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने की बात कही।

मनीष सिसोदिया ने गुजरात के बंदरगाहों का मुद्दा उठाया

आप के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने भी भाजपा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशे के मुद्दे पर बदनाम करने के बजाय तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई होनी चाहिए।

सिसोदिया ने गुजरात के बंदरगाहों पर नशीले पदार्थों की बरामदगी का उल्लेख किया। उन्होंने केंद्र सरकार से तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने की मांग की।

उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा, बंदरगाहों और केंद्रीय जांच एजेंसियों से संबंधित जिम्मेदारियों पर भी सवाल उठाए जाने चाहिए।

सिसोदिया ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि साबरमती जेल से नेटवर्क संचालित होने के मामले में गुजरात सरकार की भूमिका पर सवाल उठते हैं।

इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

पंजाब में नशे का मुद्दा बना राजनीतिक टकराव का केंद्र

पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रही है। आम आदमी पार्टी की सरकार इसे रोकने के लिए कार्रवाई करने का दावा करती रही है।

वहीं, भाजपा और केंद्र सरकार की ओर से पंजाब में नशे की समस्या को लेकर राज्य सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए जाते रहे हैं।

ताजा बयानबाजी से दोनों दलों के बीच टकराव और बढ़ गया है। अब इस मामले में राजनीतिक आरोपों के साथ नशे की तस्करी रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदम भी चर्चा के केंद्र में हैं।

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