कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक पुराने वीडियो का हवाला देते हुए पूछा कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को ‘साहब’ कहकर संबोधित किया जाता है, लेकिन छात्रों और कार्यकर्ताओं के साथ ऐसा व्यवहार क्यों नहीं होता। दीपके ने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाते हुए निष्पक्षता की मांग की।
अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर उठाए सवाल
दिल्ली में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को ‘साहब’ कहकर संबोधित करने का मामला चर्चा में है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस मामले में दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए हैं।
दीपके ने दिल्ली पुलिस के एक डीसीपी का पुराना वीडियो साझा किया। इसमें अधिकारी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लॉरेंस बिश्नोई को ‘साहब’ कहते हुए सुनाई देते हैं।
इस वीडियो के आधार पर दीपके ने पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस गैंगस्टरों के प्रति जितना सम्मान दिखाती है, उतनी शिष्टता छात्रों और कार्यकर्ताओं के प्रति भी होनी चाहिए।
Lawrence Bishnoi: गैंगस्टर के लिए इतना सम्मान क्यों?
अभिजीत दीपके ने पुलिस के रवैये की तुलना प्रदर्शन करने वाले छात्रों और कार्यकर्ताओं के साथ किए जाने वाले व्यवहार से की।
उन्होंने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों के प्रति पुलिस का व्यवहार अलग क्यों होता है। उनके अनुसार, छात्रों और कार्यकर्ताओं के साथ भी सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए।
दीपके ने कहा कि पुलिस को प्रदर्शनकारियों के प्रति भी कम से कम उतनी शिष्टता दिखानी चाहिए, जितनी वीडियो में गैंगस्टर के लिए दिखाई दे रही है।
उनकी इस टिप्पणी ने पुलिस के व्यवहार और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों को लेकर बहस छेड़ दी है।
पुराने वीडियो को लेकर फिर चर्चा तेज
दिल्ली पुलिस के डीसीपी का यह वीडियो अगस्त 2025 के अंतिम दिनों का बताया जा रहा है। उस समय भी यह वीडियो चर्चा में आया था।
अब अभिजीत दीपके के सवाल उठाने के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में है। वीडियो में पूर्वी दिल्ली के डीसीपी अभिषेक धनिया लॉरेंस बिश्नोई का जिक्र करते हुए उन्हें ‘साहब’ कहते सुनाई देते हैं।
हालांकि, केवल संबोधन के आधार पर पुलिस अधिकारी की मंशा या किसी विशेष पक्ष के प्रति उसके रवैये का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार पर भी उठाए सवाल
अभिजीत दीपके को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के सिलसिले में पहले भी हिरासत में लिया जा चुका है। उनके खिलाफ मामले दर्ज होने और गिरफ्तार किए जाने की भी खबरें सामने आई थीं।
दीपके को अदालत से दो बार जमानत मिल चुकी है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के साथ किए जाने वाले व्यवहार पर सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि पुलिस को छात्रों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय वास्तविक अपराधों पर ध्यान देना चाहिए।
इस पूरे मामले में अभिजीत दीपके की मुख्य आपत्ति पुलिस के कथित दोहरे रवैये को लेकर है। उन्होंने कानून लागू करने वाली एजेंसियों से सभी नागरिकों के साथ समान और सम्मानजनक व्यवहार करने की अपेक्षा जताई।