पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में CBI ने FIR दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली है। चंडीगढ़ स्थित PGI में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका पोस्टमार्टम करेगी। पूरी प्रक्रिया मजिस्ट्रेट की निगरानी में होगी। झोटा के परिवार ने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की थी। अब केंद्रीय जांच एजेंसी मामले से जुड़े सबूतों और आरोपियों की भूमिका की जांच करेगी।
झोटा हत्याकांड की जांच CBI ने संभाली

पंजाब के मानसा में परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले में FIR दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली है।
CBI ने चंडीगढ़ स्थित अपनी इकाई में मामला दर्ज किया है। एजेंसी ने इस मामले में अश्वनी कुमार और अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है।
झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह नशे के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे।
इस मामले में परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा था। पंजाब सरकार ने परिवार की मांग को स्वीकार करते हुए जांच CBI को सौंपने का फैसला किया था।
CBI Investigation: PGI चंडीगढ़ में होगा पोस्टमार्टम
परविंदर सिंह झोटा का पोस्टमार्टम चंडीगढ़ स्थित PGI में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम करेगी। इस प्रक्रिया को मजिस्ट्रेट की निगरानी में पूरा किया जाएगा।
परिवार की प्रमुख मांगों में वरिष्ठ डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराना शामिल था। परिवार निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए लगातार आवाज उठा रहा था।
झोटा की हत्या के बाद से उनके परिजनों ने अंतिम संस्कार नहीं किया था। वे मामले की स्वतंत्र जांच और न्याय की मांग पर अड़े हुए थे।
अब CBI की जांच शुरू होने और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आगे बढ़ने से मामले में नए घटनाक्रम की उम्मीद है। हालांकि, अंतिम संस्कार को लेकर परिवार की ओर से अंतिम निर्णय महत्वपूर्ण रहेगा।
Parvinder Singh Jhota Murder Case: 13 अक्टूबर को हुई थी हत्या
परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना एक मेडिकल स्टोर पर हुई थी।
जानकारी के अनुसार, झोटा की मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार के साथ कथित तौर पर नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर कहासुनी हुई थी। इसी दौरान उन्हें गोली मार दी गई।
इस मामले में पुलिस ने अश्वनी कुमार को गिरफ्तार किया था। अब CBI मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी।
एजेंसी आरोपियों की भूमिका, घटनाक्रम और उपलब्ध सबूतों की पड़ताल कर रही है। जांच के बाद ही हत्या से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।
Mansa News: परिवार की मांग पर CBI को सौंपी गई जांच
झोटा हत्याकांड के बाद परिवार और समर्थकों ने निष्पक्ष जांच की मांग की थी। परिवार का कहना था कि मामले की जांच ऐसी एजेंसी से कराई जाए, जिससे निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 20 अक्टूबर को मामले की जांच CBI को सौंपने की घोषणा की थी। इसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने औपचारिक प्रक्रिया शुरू की।
CBI की टीम मानसा पहुंची और स्थानीय पुलिस से मामले से संबंधित दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। एजेंसी ने परिवार से मुलाकात कर जांच आगे बढ़ाने की प्रक्रिया भी शुरू की।
अब मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी के पास है। परिवार को उम्मीद है कि जांच के जरिए दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
Postmortem at PGI: मजिस्ट्रेट की निगरानी में होगी प्रक्रिया
CBI के अनुसार, पोस्टमार्टम चंडीगढ़ स्थित PGI में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम करेगी। वहीं, मजिस्ट्रेट घटनाक्रम से संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी करेंगे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट मामले की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इससे मृत्यु से जुड़े चिकित्सकीय तथ्यों की पुष्टि करने में मदद मिलेगी।
जांच एजेंसी उपलब्ध सबूतों, गवाहों के बयानों और अन्य रिकॉर्ड की भी जांच करेगी। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
परविंदर सिंह झोटा के परिवार और समर्थकों की नजर अब जांच की प्रगति पर है। सभी को उम्मीद है कि मामले में निष्पक्ष जांच के बाद न्याय मिलेगा।